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वज्र की सुरक्षा में पकड़े गए आवारा मवेशी
आवारा मवेशियों की समस्या से परेशान शहरवासियों की समस्याओं को दूर करने के लिए नगर निगम मंगलवार सुबह से एक्शन में आ गया। निगम ने पुलिस और प्रशासन का साथ पाकर आवारा मवेशियों को पकडऩे का अभियान सुबह ९.३० बजे से शुरू किया। वाहनों में सवार होकर निकले निगम अधिकारी एवं कर्मचारी ने पहले देवास रोड से आवारा मवेशियों को पकड़ा। खास बात यह रही कि निगम कर्मचारियों से अभियान के दौरान होने वाली मारपीट को रोकने के लिए वज्र वाहन भी पूरे समय साथ रहा। वज्र वाहन के साये में निगम कर्मचारी आवारा मवेशियों की धरपकड़ करते रहे।
शहर में दिन-ब-दिन आवारा मवेशियों की समस्या विकराल होती जा रही थी। सड़कों पर आवारा मवेशी कई लोगों को अस्पताल भी पहुंचा दिया। निगम अधिकारी कर्मचारियों के साथ कंट्रोल रूप पहुंचे। यहां से देवास रोड पहुंचकर आवारा मवेशियों को पकड़ा। इसके बाद टीम ने कोठी रोड से होते हुए उद्यन मार्ग का रुख किया। यहां पहले से निगम के कुछ कर्मचारी आवारा मवेशियों को पकड़कर खड़े थे। वाहनों के आते ही इन्हें वाहनों में चढ़ाया गया। इसके बाद टीम यहां से सेठीनगर होते हुए पुलिस कंट्रोल रूम पहुंची। इस दौरान निगम के वाहनों के पीछे वज्र वाहन साये की तरह साथ रहा।
कंट्रोल रूम पर अदला-बदली
मवेशियों को लेकर वाहन पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचे। यहां मवेशियों को लोडिंग वाहन में चढ़ाया गया। यहां पर हो रही कार्रवाई देख लोगों की भीड़ जमा हो गई। इस दौरान कुछ पशुपालक भी कंट्रोल रूम पहुंच गए लेकिन पुलिस को देख कोई सामने नहीं आया और सिर्फ कार्रवाई देखते रहे।
पहली बार निकला वज्र
निगम की ओर से पहले कई बार आवारा मवेशियों को पकडऩे का अभियान शुरू किया गया। कई मर्तबा पशुपालक पशुओं को छुड़ा ले जाते और निगम कर्मचारियों से मारपीट भी करते थे। कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए पहली बार व्रज वाहन इस अभियान में सड़क पर उतरा। कार्रवाई के दौरान पूरे समय वज्र निगम की गाडिय़ों के पीछे उन्हें सुरक्षा देता हुआ चलता रहा।